लेडी सिंघम वृंदा शुक्ला ने बहराइच हिंसा के बीच संभाला मोर्चा – हरियाणा की बहादुर आईपीएस अधिकारी की प्रेरणादायक कहानी



जानिए आईपीएस अधिकारी वृंदा शुक्ला के बारे में, जिन्हें लेडी सिंघम के नाम से भी जाना जाता है। बहराइच में सांप्रदायिक तनाव के बीच उनकी निडर नेतृत्व क्षमता ने सबका ध्यान खींचा है। हरियाणा से लेकर यूपी कैडर की 2014 बैच की इस अधिकारी की प्रेरणादायक यात्रा, लंदन में शिक्षा और लोकसेवा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को जानें।



उत्तर प्रदेश के बहराइच में हाल ही में हुए सांप्रदायिक तनाव के बीच आईपीएस अधिकारी वृंदा शुक्ला ने अपनी बहादुरी और नेतृत्व क्षमता से सबका ध्यान खींचा है। दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान दो गुटों के बीच हिंसा भड़कने के बाद स्थिति काफी तनावपूर्ण हो गई थी, जिसमें एक युवक की मौत हो गई। इस बीच, जिले की एसपी वृंदा शुक्ला, जिन्हें अक्सर लेडी सिंघम कहा जाता है, खुद सड़कों पर उतरकर स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मैदान में आ गईं।

वृंदा शुक्ला का शुरुआती जीवन और शिक्षा
वृंदा शुक्ला हरियाणा के पंचकूला की रहने वाली हैं। उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई वहीं से की और फिर लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स में पढ़ाई करने के लिए लंदन चली गईं। लंदन से लौटने के बाद उन्होंने UPSC परीक्षा पास की और 2014 बैच की आईपीएस अधिकारी बनीं।

आईपीएस करियर और प्रमुख उपलब्धियां
अपनी सख्त कार्यशैली के लिए जानी जाने वाली वृंदा शुक्ला की सुर्खियों में आने की एक घटना तब हुई, जब उन्होंने चित्रकूट जेल में बंद माफिया मुख्तार अंसारी के बेटे से मिलने आई उसकी पत्नी को गिरफ्तार किया था। उनकी बेहतरीन हिंदी और कानून व्यवस्था के प्रति उनकी निष्ठा ने उन्हें जनता के बीच काफी लोकप्रिय बना दिया है।

निजी जीवन
वृंदा शुक्ला के पति अंकुर अग्रवाल भी एक आईपीएस अधिकारी हैं। दोनों ने साथ में सिविल सेवा की तैयारी की और अब दोनों ही यूपी कैडर में कार्यरत हैं।

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