कृषि के महत्व और भूमिका FOR UPSC IN HINDI
कृषि भारतीय अर्थव्यवस्था का मेरुदण्ड है। जहां एक ओर यह प्रमुख रोजगार प्रदाता क्षेत्र है। वहीं सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी)
कृषि भारतीय अर्थव्यवस्था का मेरुदण्ड है। जहां एक ओर यह प्रमुख रोजगार प्रदाता क्षेत्र है। वहीं सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी)
भारतीय कृषि को मुख्य रूप से तीन भागों में विभाजित किया गया है: स्थानांतरण कृषि कृषि की इस पद्धति के
कृषि प्रदेश भारत में भौगोलिक विभिन्नताओं ने कृषि फसलों में भी अनेक विभिन्नताओं को जन्म दिया है। वर्षा, तापमान, समुद्र
योजना आयोग ने भारत की 15 कृषि जलवायविक क्षेत्रों में वर्गीकृत किया है जिसके अंतर्गत प्रदेशों में व्याप्त सामाजिक-आर्थिक दशाओं
योजना आयोग के कृषि-जलवायविक क्षेत्र FOR UPSC IN HINDI Read More »
कृषि-पारिस्थितिकी क्या है? कृषि पारिस्थितिकी उस कृषिगत पारिस्थितिकी तंत्र के अध्ययन से संबंधित है, जिसमें उसके घटक एक वृहद पारिस्थितिकी
फसली प्रारूप का अर्थ एक समय विशेष पर विभिन्न फसलों के अधीन आनुपातिक क्षेत्र से है। किसी भी क्षेत्र का
देश की तेजी से बढ़ती जनसंख्या की खाद्य एवं अन्य जरूरतों को केवल दो ही तरह से पूरा किया जा
देश के लगभग 75 प्रतिशत क्षेत्र में खाद्यान्न फसलें उगायी जाती है और कुल कृषि उत्पादन में लगभग 50 प्रतिशत
गेहूं भारत की दूसरी प्रमुख खाद्य-फसल है। भारत विश्व का चौथा सबसे बड़ा गेहूं उत्पादक देश है। यह विश्व के
ज्वार, बाजरा, मक्का, रागी और जौ भारत में उगाए जाने वाले मुख्य मोटे अनाज हैं। यद्यपि इन्हें मोटा अनाज कहा