उद्योग: औद्योगिक विकास का इतिहास FOR UPSC IN HINDI
भारत में एक संगठित प्रतिरूप पर आधारित आधुनिक औद्योगिक क्षेत्र की शुरूआत 1854 में देशी पूंजी व उद्यम प्रधान मुंबई […]
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भारत में एक संगठित प्रतिरूप पर आधारित आधुनिक औद्योगिक क्षेत्र की शुरूआत 1854 में देशी पूंजी व उद्यम प्रधान मुंबई […]
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औद्योगिक नीति की मुख्य विशेषताएं, जैसाकि समय-समय पर उन्नत किया गया है, निम्न प्रकार हैं। प्राथमिक चरण औद्योगिक नीति प्रस्ताव,
स्वातंत्र्योत्तर काल की औद्योगिक उपलब्धि FOR UPSC IN HINDI Read More »
सार्वजनिक क्षेत्र भूमिका, तर्कसंगतता एवं त्रुटियां: भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार ने तथाकथित कोर क्षेत्र (शक्ति, इस्पात, एल्यूमीनियम, तांबा, खनन,
इस वर्ग के उद्योग कृषि क्षेत्र द्वारा उत्पादित कच्चे माल पर निर्भर होते हैं। इनके उत्पादों में मुख्यतः उपभोक्ता सामान
इन उद्योगों द्वारा कच्चे माल के रूप में धात्विक तया आधात्विक खनिजों का प्रयोग किया जाता है तथा ये उद्योग
इसके अंतर्गत वे रसायन शामिल हैं, जिनका प्रयोग अन्य उत्पादों के निर्माण में कच्चे माल के रूप में किया जाता
यह भारत के सर्वाधिक प्राचीन उद्योगों में से एक है। भारतीय दवा निर्माण उद्योग भारत के विज्ञान आधारित उद्योगों में
इस क्षेत्र का विकास स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद में हुआ है। इससे पहले देश पूर्णतः आयातों पर निर्भर था। भारी
भारत की वनसंपदा विशाल एवं विविधतापूर्ण है जो कि विभिन्न प्रकर के उद्योगों का समर्थन करने में सक्षम हैं। इन
उदारीकरण द्वारा कुछ खास परिवर्तन किए गए जिन्होंने मुक्त बाजार अर्थव्यवस्था को साकार किया। इसमें सामान्यतः अंदरूनी और अंतरराष्ट्रीय दोनों