UPSC4U
03 Nov 2026 UPSC

भारतीय संविधान की प्रस्तावना कब लागू हुई ? When Did the Preamble of the Indian Constitution Come into Force ?

भारतीय संविधान की प्रस्तावना कब लागू हुई ? When Did the Preamble of the Indian Constitution Come into Force ?
भारतीय संविधान की प्रस्तावना कब लागू हुई? (When Did the Preamble of the Indian Consti भारतीय संविधान की प्रस्तावना का परिचय

भारतीय संविधान की प्रस्तावना (Preamble of the Indian Constitution) 26 जनवरी 1950 को संविधान लागू होने के साथ प्रभावी हुई थी। हालांकि, इसे संविधान सभा ने 26 नवंबर 1949 को संविधान के साथ अंगीकृत (Adopted) किया था।

प्रस्तावना भारतीय संविधान के मूल उद्देश्य, आदर्शों और दर्शन (Constitutional Philosophy) को स्पष्ट करती है। Indian Constitution इसकी शुरुआत “हम भारत के लोग” (We, the People of India) शब्दों से होती है, Indian Constitution जो यह दर्शाता है कि भारतीय संविधान की शक्ति का स्रोत देश की जनता है।

1. प्रस्तावना कब अंगीकृत और कब लागू हुई ? (Adoption and Enforcement)Constitution

भारतीय संविधान की प्रस्तावना के संदर्भ में दो महत्वपूर्ण तारीखें याद रखना आवश्यक है।

26 नवंबर 1949: संविधान सभा ने भारतीय संविधान और उसकी प्रस्तावना को अंगीकृत (Adopt) किया।

26 जनवरी 1950: भारतीय संविधान लागू हुआ और प्रस्तावना भी प्रभावी हुई।

इसलिए यह समझना जरूरी है कि संविधान को अपनाने और लागू करने की तारीख अलग-अलग है।

महत्वपूर्ण घटनातारीख
Objective Resolution प्रस्तुत13 दिसंबर 1946
Objective Resolution स्वीकार22 जनवरी 1947
संविधान और प्रस्तावना अंगीकृत26 नवंबर 1949
संविधान लागू26 जनवरी 1950
संविधान दिवस26 नवंबर
गणतंत्र दिवस26 जनवरी
2. प्रस्तावना 26 जनवरी 1950 को ही क्यों प्रभावी हुई?Constitution

26 जनवरी की तारीख भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास से जुड़ी हुई है।

दिसंबर 1929 में लाहौर अधिवेशन के दौरान भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने पूर्ण स्वराज (Purna Swaraj) को अपना लक्ष्य घोषित किया था। इसके बाद 26 जनवरी 1930 को पूर्ण स्वराज दिवस मनाया गया।

इसी ऐतिहासिक महत्व को बनाए Indian Constitution रखने के लिए संविधान लागू करने की तारीख 26 जनवरी 1950 निर्धारित की गई।

इस प्रकार भारत ने स्वतंत्रता Indian Constitution आंदोलन के संकल्प को एक संवैधानिक गणराज्य के रूप में आगे बढ़ाया।

3. भारतीय संविधान की प्रस्तावना का आधार क्या था? (Objective Resolution)

भारतीय संविधान Indian Constitution की प्रस्तावना का आधार जवाहरलाल नेहरू द्वारा प्रस्तुत Objective Resolution (उद्देश्य प्रस्ताव) था।

इससे संबंधित महत्वपूर्ण घटनाएं:

  • 13 दिसंबर 1946 को जवाहरलाल नेहरू ने संविधान सभा में उद्देश्य प्रस्ताव प्रस्तुत किया।
  • 22 जनवरी 1947 को संविधान सभा ने इसे स्वीकार किया।
  • इसी प्रस्ताव में संप्रभुता, लोकतंत्र, न्याय और समानता जैसे संवैधानिक आदर्शों की रूपरेखा प्रस्तुत की गई।

बाद में इन्हीं आदर्शों को संविधान की प्रस्तावना में स्थान दिया गया।

4. भारतीय संविधान की प्रस्तावना में क्या-क्या लिखा है? (Key Elements of Preamble)

प्रस्तावना भारत Indian Constitution को एक सम्पूर्ण प्रभुत्व-संपन्न, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, लोकतंत्रात्मक गणराज्य घोषित करती है।

इसके प्रमुख शब्द हैं:

शब्दअर्थ
Sovereignसम्पूर्ण प्रभुत्व-संपन्न
Socialistसमाजवादी
Secularपंथनिरपेक्ष
Democraticलोकतंत्रात्मक
Republicगणराज्य
Justiceन्याय
Libertyस्वतंत्रता
Equalityसमानता
Fraternityबंधुता

प्रस्तावना Indian Constitution के अनुसार भारत का उद्देश्य सभी नागरिकों को सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय; विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता; प्रतिष्ठा और अवसर की समानता प्रदान करना तथा व्यक्ति की गरिमा और राष्ट्र की एकता एवं अखंडता सुनिश्चित करने वाली बंधुता को बढ़ावा देना है।

5. 42वाँ संविधान संशोधन और प्रस्तावना (42nd Constitutional Amendment, 1976)

भारतीय संविधान Indian Constitution की प्रस्तावना में अब तक एक बार संशोधन किया गया है। यह संशोधन 42वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1976 के माध्यम से हुआ।

इसके द्वारा तीन शब्द जोड़े गए:

  1. समाजवादी (Socialist)
  2. पंथनिरपेक्ष (Secular)
  3. अखंडता (Integrity)

इस संशोधन के बाद भारत का वर्णन Sovereign Socialist Secular Democratic Republic के रूप में किया गया और राष्ट्र की एकता के साथ अखंडता शब्द भी जोड़ा गया।

6. क्या प्रस्तावना संविधान का हिस्सा है ? (Is Preamble a Part of the Constitution ?)

यह UPSC Prelims और Mains दोनों के लिए महत्वपूर्ण प्रश्न है।

सुप्रीम कोर्ट के दो ऐतिहासिक निर्णय इस विषय को समझने में मदद करते हैं।

A. बेरुबारी संघ मामला (Berubari Union Case, 1960)

इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने माना था कि प्रस्तावना संविधान का हिस्सा नहीं है, Indian Constitution लेकिन यह संविधान निर्माताओं के उद्देश्यों को समझने में सहायता कर सकती है।

B. केशवानंद भारती मामला (Kesavananda Bharati Case, 1973)

इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि प्रस्तावना संविधान का हिस्सा है। इसी ऐतिहासिक निर्णय में Basic Structure Doctrine को भी स्थापित किया गया।

महत्वपूर्ण: वर्तमान संवैधानिक स्थिति के अनुसार प्रस्तावना संविधान का हिस्सा है, लेकिन यह अपने आप में न्यायालय द्वारा लागू कराया जा सकने वाला स्वतंत्र अधिकार प्रदान नहीं करती।

7. UPSC Prelims के लिए महत्वपूर्ण तथ्य (Important Facts)
प्रश्नउत्तर
भारतीय संविधान की प्रस्तावना कब अंगीकृत हुई?26 नवंबर 1949
प्रस्तावना कब प्रभावी हुई?26 जनवरी 1950
प्रस्तावना का आधार क्या है?Objective Resolution
Objective Resolution किसने प्रस्तुत किया?जवाहरलाल नेहरू
Objective Resolution कब प्रस्तुत हुआ?13 दिसंबर 1946
Objective Resolution कब स्वीकार हुआ?22 जनवरी 1947
प्रस्तावना में संशोधन कितनी बार हुआ?एक बार
प्रस्तावना में संशोधन किस अधिनियम से हुआ?42वाँ संविधान संशोधन, 1976
प्रस्तावना संविधान का हिस्सा है या नहीं?हाँ
इससे संबंधित महत्वपूर्ण केसकेशवानंद भारती केस, 1973
8. UPSC के लिए संभावित प्रश्न (Important Questions)

प्रश्न 1. भारतीय संविधान की प्रस्तावना कब लागू हुई?

उत्तर: 26 जनवरी 1950।

प्रश्न 2. भारतीय संविधान की प्रस्तावना कब अंगीकृत की गई थी?

उत्तर: 26 नवंबर 1949।

प्रश्न 3. प्रस्तावना का आधार किस प्रस्ताव को माना जाता है?

उत्तर: Objective Resolution।

प्रश्न 4. प्रस्तावना में समाजवादी और पंथनिरपेक्ष शब्द किस संशोधन द्वारा जोड़े गए?

उत्तर: 42वाँ संविधान संशोधन अधिनियम, 1976।

प्रश्न 5. किस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने प्रस्तावना को संविधान का हिस्सा माना?

उत्तर: केशवानंद भारती मामला, 1973।

9. Quick Revision: याद रखने की Trick

13 दिसंबर 1946: Objective Resolution प्रस्तुत।

22 जनवरी 1947: Objective Resolution स्वीकार।

26 नवंबर 1949: संविधान और प्रस्तावना अंगीकृत।

26 जनवरी 1950: संविधान और प्रस्तावना प्रभावी।

याद रखने की आसान Trick

26 नवंबर = Adopted

26 जनवरी = Came into Force

Conclusion: निष्कर्ष

भारतीय संविधान Indian Constitution की प्रस्तावना को 26 नवंबर 1949 को संविधान सभा ने अंगीकृत किया था और यह 26 जनवरी 1950 को संविधान लागू होने के साथ प्रभावी हुई।

प्रस्तावना भारत के संवैधानिक आदर्शों, लोकतांत्रिक व्यवस्था, सामाजिक न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुता का सार प्रस्तुत करती है। इसलिए भारतीय संविधान को समझने के लिए प्रस्तावना का अध्ययन अत्यंत महत्वपूर्ण है।