Assembly of India

संविधान सभा का गठन कैसे हुआ ? Formation of the Constituent Assembly of India

Formation of the Constituent Assembly of India: संविधान सभा का परिचय भारतीय संविधान का निर्माण संविधान सभा (Constituent Assembly) द्वारा किया गया था। संविधान सभा एक ऐसी प्रतिनिधि संस्था थी, जिसका मुख्य कार्य स्वतंत्र भारत के लिए संविधान तैयार करना था।

भारत में संविधान सभा की मांग स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान उठी थी। भारतीय नेताओं का मानना था कि देश का संविधान Assembly of India भारतीयों की अपनी इच्छा और आवश्यकताओं के अनुसार बनाया जाना चाहिए, न कि ब्रिटिश सरकार द्वारा थोपा जाना चाहिए।

आखिरकार, ब्रिटिश सरकार ने 1946 में Cabinet Mission Plan के आधार पर संविधान सभा के गठन की व्यवस्था की। Assembly of India इसकी पहली बैठक 9 दिसंबर 1946 को नई दिल्ली में हुई।

1. संविधान सभा की मांग कब उठी ? (Demand for a Constituent Assembly of India )

भारतीय संविधान सभा का गठन अचानक नहीं हुआ था। इसके पीछे लंबे समय तक चला राजनीतिक संघर्ष और भारतीयों की self-government की मांग थी।

  • 1922: महात्मा गांधी ने यह विचार व्यक्त किया कि भारत का भविष्य और उसका संविधान भारतीयों की इच्छा के अनुसार तय होना चाहिए।
  • 1934: एम. एन. रॉय ने स्वतंत्र संविधान सभा का विचार स्पष्ट रूप से प्रस्तुत किया।
  • 1935: भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने संविधान सभा की मांग को राजनीतिक कार्यक्रम का हिस्सा बनाया।
  • 1938: जवाहरलाल नेहरू ने कहा कि स्वतंत्र भारत का संविधान वयस्क मताधिकार के आधार पर चुनी गई संविधान सभा द्वारा बनाया जाना चाहिए।
  • 1940: ब्रिटिश सरकार के August Offer में भारतीयों को अपना संविधान बनाने के सिद्धांत को स्वीकार करने की दिशा में कदम उठाया गया।
  • 1946: Cabinet Mission Plan के माध्यम से संविधान सभा के गठन की योजना प्रस्तुत की गई।

इस प्रकार संविधान सभा का गठन भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि था।

2. Cabinet Mission Plan 1946 क्या था ?

Cabinet Mission Plan भारतीय संविधान सभा के गठन का आधार बना। मार्च 1946 में ब्रिटिश सरकार ने भारत के संवैधानिक भविष्य और सत्ता हस्तांतरण से संबंधित बातचीत के लिए Cabinet Mission भारत भेजा।

इस मिशन में तीन सदस्य थे:

  1. Lord Pethick-Lawrence — Secretary of State for India
  2. Sir Stafford Cripps — ब्रिटिश कैबिनेट के सदस्य
  3. A. V. Alexander — ब्रिटिश कैबिनेट के सदस्य

मिशन ने 16 मई 1946 को अपनी योजना प्रस्तुत की। Assembly of India इसके अंतर्गत संविधान सभा के गठन और भारत के लिए संवैधानिक व्यवस्था तैयार करने का प्रस्ताव रखा गया।

Cabinet Mission Plan के प्रमुख प्रावधान
  • संविधान सभा में कुल 389 सदस्यों का प्रस्ताव था।
  • ब्रिटिश भारतीय प्रांतों के प्रतिनिधियों का चुनाव प्रांतीय विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्य करते।
  • देशी रियासतों (Princely States) के प्रतिनिधियों के चयन की अलग व्यवस्था थी।
  • संविधान सभा का मुख्य कार्य भारत का संविधान बनाना था।
  • योजना के अंतर्गत संविधान निर्माण की प्रक्रिया में ब्रिटिश भारतीय प्रांतों और देशी रियासतों, दोनों को प्रतिनिधित्व देने का प्रस्ताव था।
3. संविधान सभा का गठन कैसे हुआ? (How Was the Constituent Assembly Formed?)

संविधान सभा के गठन की प्रक्रिया को निम्नलिखित चरणों में समझा जा सकता है।

Step 1: Cabinet Mission Plan की घोषणा

मई 1946 में Cabinet Mission Plan ने संविधान सभा के गठन का आधार प्रदान किया।

Step 2: सदस्यों का चुनाव

जुलाई–अगस्त 1946 में ब्रिटिश भारतीय प्रांतों में संविधान सभा के सदस्यों के चुनाव हुए। ये चुनाव Indirect Election यानी अप्रत्यक्ष निर्वाचन प्रणाली से कराए गए थे।

प्रांतीय विधानसभाओं Assembly of India के निर्वाचित सदस्यों ने अपने प्रतिनिधियों का चुनाव किया। Assembly of India चुनाव में प्रांतीय विधानसभाओं के विभिन्न समुदायों के लिए निर्धारित प्रतिनिधित्व की व्यवस्था लागू थी।

Step 3: देशी रियासतों का प्रतिनिधित्व

देशी रियासतों के प्रतिनिधियों का चयन प्रांतीय चुनावों की तरह नहीं हुआ। Assembly of India उनके प्रतिनिधियों के नामांकन या चयन की व्यवस्था संबंधित रियासतों के माध्यम से की गई थी।

Step 4: संविधान सभा की पहली बैठक

संविधान सभा की पहली बैठक 9 दिसंबर 1946 को नई दिल्ली के Constitution Hall में हुई। यह स्थान आज संसद भवन के Central Hall के रूप में जाना जाता है।

4. संविधान सभा में कितने सदस्य थे? (Total Members of the Constituent Assembly)

Cabinet Mission Plan के अनुसार संविधान सभा की प्रस्तावित सदस्य संख्या 389 थी।

प्रतिनिधित्व का क्षेत्रप्रस्तावित सीटें
ब्रिटिश भारतीय प्रांत292
Chief Commissioners’ Provinces4
देशी रियासतें (Princely States)93
कुल389

भारत के विभाजन Assembly of India के बाद संविधान सभा की सदस्य संख्या घटकर 299 रह गई। Assembly of India विभाजन के कारण पाकिस्तान के लिए अलग संविधान सभा बनी और कुछ सीटें भारत की संविधान सभा से अलग हो गईं।

5. संविधान सभा की पहली बैठक कब हुई? (First Meeting of the Constituent Assembly)

संविधान सभा की पहली बैठक 9 दिसंबर 1946 को हुई।

इस बैठक से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य:

अस्थायी अध्यक्ष (Temporary Chairman): डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा

स्थायी अध्यक्ष (President): डॉ. राजेंद्र प्रसाद

उपाध्यक्ष (Vice-President): एच. सी. मुखर्जी

पहली बैठक का स्थान: Constitution Hall, New Delhi

पहली बैठक की तारीख: 9 दिसंबर 1946

डॉ. राजेंद्र प्रसाद को 11 दिसंबर 1946 को संविधान सभा का अध्यक्ष चुना गया। Assembly of India जवाहरलाल नेहरू ने 13 दिसंबर 1946 को Objective Resolution प्रस्तुत किया, जिसे 22 जनवरी 1947 को स्वीकार किया गया। इस प्रस्ताव ने संविधान की भावी दिशा और उसके मूल आदर्शों को निर्धारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

6. संविधान सभा में डॉ. बी. आर. आंबेडकर की भूमिका

डॉ. भीमराव आंबेडकर भारतीय संविधान के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले प्रमुख नेताओं में से एक थे।

29 अगस्त 1947 को संविधान सभा ने Drafting Committee (प्रारूप समिति) का गठन किया और डॉ. बी. आर. आंबेडकर को इसका अध्यक्ष बनाया।

प्रारूप समिति Assembly of India का मुख्य काम संविधान के मसौदे को तैयार करना और संविधान सभा के विचार-विमर्श के आधार पर उसके प्रावधानों को व्यवस्थित करना था। Assembly of India संविधान के अंतिम स्वरूप में संविधान सभा के सदस्यों और विभिन्न समितियों के योगदान के साथ डॉ. आंबेडकर की भूमिका भी अत्यंत महत्वपूर्ण रही।

7. संविधान सभा ने संविधान बनाने में कितना समय लिया?

भारतीय संविधान को तैयार करने में संविधान सभा को 2 वर्ष, 11 महीने और 18 दिन लगे।

इस अवधि Assembly of India में संविधान सभा ने कई बैठकों और Assembly of India विस्तृत चर्चाओं के माध्यम से संविधान के विभिन्न प्रावधानों पर विचार किया।

महत्वपूर्ण घटनातारीख
संविधान सभा की पहली बैठक9 दिसंबर 1946
Objective Resolution प्रस्तुत13 दिसंबर 1946
Objective Resolution स्वीकार22 जनवरी 1947
Drafting Committee का गठन29 अगस्त 1947
संविधान अंगीकृत (Adopted)26 नवंबर 1949
संविधान सभा की अंतिम बैठक और हस्ताक्षर24 जनवरी 1950
संविधान लागू (Came into Force)26 जनवरी 1950
8. संविधान सभा का महत्व (Significance of the Constituent Assembly)

संविधान सभा ने स्वतंत्र भारत की लोकतांत्रिक और संवैधानिक व्यवस्था की नींव रखी।

इसके प्रमुख योगदान थे

  • भारत के शासन के लिए संविधान तैयार करना।
  • नागरिकों के मौलिक अधिकारों और स्वतंत्रताओं की संवैधानिक व्यवस्था करना।
  • केंद्र और राज्यों के बीच शक्तियों के वितरण का ढाँचा निर्धारित करना।
  • संसदीय लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं की संरचना तय करना।
  • सामाजिक न्याय, समानता और लोकतांत्रिक मूल्यों को संवैधानिक व्यवस्था में स्थान देना।

संविधान सभा में अलग-अलग विचारों और दृष्टिकोणों पर चर्चा हुई। Assembly of India इन बहसों ने संविधान के प्रावधानों को Assembly of India आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

9. UPSC Prelims के लिए महत्वपूर्ण तथ्य (Important Facts)
प्रश्नउत्तर
संविधान सभा का गठन किस योजना के आधार पर हुआ?Cabinet Mission Plan, 1946
संविधान सभा की पहली बैठक कब हुई?9 दिसंबर 1946
संविधान सभा के अस्थायी अध्यक्ष कौन थे?डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा
संविधान सभा के स्थायी अध्यक्ष कौन थे?डॉ. राजेंद्र प्रसाद
Objective Resolution किसने प्रस्तुत किया?जवाहरलाल नेहरू
Drafting Committee के अध्यक्ष कौन थे?डॉ. बी. आर. आंबेडकर
संविधान सभा की प्रारंभिक प्रस्तावित सदस्य संख्या कितनी थी?389
विभाजन के बाद सदस्य संख्या कितनी रह गई?299
संविधान कब अंगीकृत हुआ?26 नवंबर 1949
संविधान कब लागू हुआ?26 जनवरी 1950
UPSC Mains के लिए संभावित प्रश्न

प्रश्न: भारतीय संविधान सभा के गठन की प्रक्रिया का वर्णन कीजिए। इसके गठन में Cabinet Mission Plan की भूमिका स्पष्ट कीजिए।

Answer Writing Approach:

  • Introduction: संविधान सभा की मांग और उसके उद्देश्य का परिचय दें।
  • Body: Cabinet Mission Plan, अप्रत्यक्ष निर्वाचन, देशी रियासतों के प्रतिनिधित्व और पहली बैठक का उल्लेख करें।
  • Significance: संविधान निर्माण में बहस, प्रतिनिधित्व और लोकतांत्रिक मूल्यों की भूमिका स्पष्ट करें।
  • Conclusion: भारतीय संविधान के निर्माण में संविधान सभा के ऐतिहासिक योगदान का सार प्रस्तुत करें।
10. Quick Revision Trick

इन तथ्यों को क्रम से याद रखें:

  • 1946: Cabinet Mission Plan और संविधान सभा का गठन।
  • 9 दिसंबर 1946: पहली बैठक।
  • 11 दिसंबर 1946: डॉ. राजेंद्र प्रसाद स्थायी अध्यक्ष चुने गए।
  • 29 अगस्त 1947: Drafting Committee का गठन।
  • 26 नवंबर 1949: संविधान अंगीकृत।
  • 26 जनवरी 1950: संविधान लागू।

Memory Trick: 1946 में सभा बनी, 1947 में प्रारूप समिति बनी, 1949 में संविधान अपनाया गया और 1950 में लागू हुआ।

Conclusion: निष्कर्ष

भारतीय संविधान सभा का गठन 1946 में Cabinet Mission Plan के आधार पर हुआ था। Assembly of India इसके सदस्यों का चुनाव मुख्यतः प्रांतीय विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्यों द्वारा अप्रत्यक्ष रूप से किया गया, जबकि देशी रियासतों के प्रतिनिधियों के लिए अलग व्यवस्था थी।

9 दिसंबर 1946 को पहली बैठक से शुरू हुई संविधान निर्माण की प्रक्रिया ने भारत को एक लोकतांत्रिक गणराज्य के रूप में स्थापित करने का आधार तैयार किया। Assembly of India संविधान सभा की चर्चाओं, समितियों और सामूहिक प्रयासों से भारतीय संविधान का निर्माण हुआ, जो 26 जनवरी 1950 को लागू हुआ।