मुगल सेना FOR UPSC IN HINDI
राज्य के द्वारा कोई विशाल सेना स्थायी रूप से नहीं रखी जाती थी परन्तु सिद्धान्त रूप में साम्राज्य के सभी […]
राज्य के द्वारा कोई विशाल सेना स्थायी रूप से नहीं रखी जाती थी परन्तु सिद्धान्त रूप में साम्राज्य के सभी […]
अकबर ने अपनी राजपूत नीति में पुरस्कार और दमन का सहारा लिया। उसकी राजपूत नीति साम्राज्यवादी आवश्यकता और अकबर की सुलह-ए-कुल की
मुगल काल में वाणिज्य और व्यापार का विकास हुआ। इसकी वजह यह थी कि काबुल और कधार कुषाण काल के
मुगलकाल में वाणिज्य और व्यापार FOR UPSC IN HINDI Read More »
मुगल साम्राज्य के राजस्व को दो भागों में बाँटा जा सकता है- केंद्रीय अथवा शाही तथा स्थानीय अथवा प्रान्तीय। स्थानीय राजस्व स्पष्टत: बिना
मुगलों के राजत्व की अवधारणा तुर्की मंगोल परंपरा पर आधारित थी। तुर्की मंगोल परंपरा में शक्तिशाली राजतंत्र की अवधारणा थी।
राज्यकाल के प्रथमार्द्ध पूर्वार्द्ध में औरंगजेब का ध्यान उत्तर के मामलों में उलझा हुआ था तथा दक्कन सूबेदारों पर छोड़ा
राजपूतों ने साम्राज्य के विकास में बड़ी सहायता की थी। औरंगजेब उनकी मित्रता का मूल्य समझने में असफल रहा। उसने
औरंगजेब का राजपूतों के साथ संघर्ष FOR UPSC IN HINDI Read More »
औरंगजेब सर्वोपरि एक उत्साही सुन्नी मुसलमान था। उसकी धार्मिक नीति सांसारिक लाभ के किसी विचार से प्रभावित नहीं थी। उदार
भारतीय इतिहास में मुग़ल साम्राज्य एक युग के समान है। सल्तनतकाल की समाप्ति के साथ भारतीय इतिहास में इस नए
विजयनगर साम्राज्य का इतिहास विजयनगर साम्राज्य का इतिहास नीचे दिया गया है- भारत का मध्यकालीन इतिहास 8वीं से 12वीं सदी