भारतीय कृषि एवं उसकी प्रकृति
भारतीय कृषि एवं उसकी प्रकृति वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार भारत की जनसंख्या बढ़कर एक अरब 21 करोड़ से […]
भारतीय कृषि एवं उसकी प्रकृति वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार भारत की जनसंख्या बढ़कर एक अरब 21 करोड़ से […]
अर्थव्यवस्था के क्षेत्रक सामान्यतः संपूर्ण अर्थव्यवस्था की आर्थिक गतिविधियों को लेखांकित करने के लिए तीन क्षेत्रकों में विभाजित किया गया
राष्ट्रीय कृषि नीति 2007 राष्ट्रीय कृषि आयोग की सिफारिशों एवं राज्यों के परामर्श पर सरकार द्वारा 6 अगस्त, 2007 को राष्ट्रीय
सार्वजनिक वितरण प्रणाली कुछ आवश्यक वस्तुओं (गेहूं, चावल, खाद्य तेल, चीनी आदि) को उचित कीमत की दुकानों के माध्यम से
आर्थिक संवृद्धि आर्थिक समृद्धि से अभिप्राय निश्चित समय अवधि में किसी अर्थव्यवस्था में होने वाली वास्तविक आय में वृद्धि से
पूंजी निर्माण वह प्रक्रिया जिससे बचत व निवेश के द्वारा पूंजी स्टॉक में वृद्धि होती है, पूंजी निर्माण कहलाती है,
इंद्रधनुषी क्रांति वर्तमान में प्राथमिक क्षेत्र में व्याप्त नीली, हरी, पीली, गुलाबी, श्वेत, भूरी क्रांतियों को समेकित करते हुए इन्हें
कृषि साख कृषि साख से तात्पर्य है कृषि कार्यों के लिए उपलब्ध वित्त| यह मुख्यता दो स्त्रोतों से प्राप्त होता
श्वेत क्रांति एवं ऑपरेशन फ्लड दूध 1964-1965 में सघन पशु विकास कार्यक्रम पश्चिम (ICDP) नामक योजना प्रारंभ की गई जिसके
कृषि एवं किसानों की दशा सुधारने के संबंध में सुझाव देने हेतु वर्ष 2004 में डॉक्टर एम एस स्वामीनाथन की