UPSC Result 2025: IIT दिल्ली के अक्षित भारद्वाज ने हासिल की AIR 12, फेलियर से सफलता तक का पूरा सफर
UPSC Success Story in Hindi: हाल ही में घोषित हुए UPSC Result 2025 में जहाँ अनुज अग्निहोत्री ने देश में टॉप किया है, वहीं अक्षित भारद्वाज (Akshit Bhardwaj) ने AIR 12 हासिल कर एक मिसाल पेश की है। मात्र 23 साल की उम्र में अपने दूसरे प्रयास में आईएएस (IAS) बनने वाले अक्षित की कहानी उन छात्रों के लिए एक सबक है जो असफलता से जल्दी हार मान लेते हैं।
IIT दिल्ली से UPSC तक की शुरुआत
IIT दिल्ली से पढ़ाई करने वाले अक्षित ने लगभग ढाई साल पहले अपनी तैयारी शुरू की थी। उनके पिता मौलाना आज़ाद मेडिकल कॉलेज (MAMC) में प्रोफेसर हैं। एक मजबूत शैक्षणिक पृष्ठभूमि के बावजूद, अक्षित के लिए यूपीएससी की डगर आसान नहीं थी। अपने पहले प्रयास में वह प्रीलिम्स (Prelims) परीक्षा भी पास नहीं कर पाए थे।
असफलता से सीखा सबक: 100% प्रयास की ताकत
अक्षित का मानना है कि पहले प्रयास में वह इसलिए असफल रहे क्योंकि उन्हें परीक्षा की गहराई समझ नहीं आई थी। उन्होंने महसूस किया कि जब तक आप अपनी पढ़ाई में 100% एफर्ट नहीं डालते, तब तक आप यह समझ ही नहीं सकते कि परीक्षा में क्या करने योग्य (doable) है और क्या नहीं। इस अहसास के बाद उन्होंने अपनी रणनीति बदली और मेन्स (Mains) की तैयारी पर ध्यान केंद्रित किया।
ऑप्शनल का बदलाव और गणित (Mathematics) की चुनौती
अक्षित ने एक साहसी फैसला लेते हुए अपना वैकल्पिक विषय (Optional) बदलकर गणित (Mathematics) कर लिया। मेन्स की तैयारी के लिए उन्होंने लगभग 30 गणित के टेस्ट और 15-20 जीएस (GS) के टेस्ट लिखे। उनका मानना है कि आंसर राइटिंग के लिए घर के बजाय लाइब्रेरी या टेस्ट सीरीज का माहौल अनुशासन बनाए रखने में मदद करता है।
प्रीलिम्स में 140 अंक: अक्षित का सीक्रेट फॉर्मूला
अक्षित ने प्रीलिम्स परीक्षा में 140 अंकों का शानदार स्कोर हासिल किया। उनके अनुसार:
- नॉलेज (Knowledge): लगभग 100 अंक आपकी शुद्ध मेहनत और ज्ञान से आते हैं।
- लॉजिकल गेसिंग: बाकी के अंकों के लिए पीवाईक्यू (PYQs) का विश्लेषण और लॉजिकल गेसिंग जरूरी है, लेकिन यह केवल तब काम आता है जब आपकी बेसिक पढ़ाई पूरी हो।
- रिवीजन: परीक्षा से पहले कम से कम दो महीने का एक ऐसा चक्र होना चाहिए जिसमें आप केवल टेस्ट दें और रिवीजन करें।
मेन्स और अखबार को लेकर नजरिया
अक्षित ने मेन्स के लिए ‘Right Smart’ तकनीक और सारथी आईएएस (Sarrthi IAS) के कोर्सेस का सहारा लिया, जिससे उन्हें कंटेंट को फिल्टर करने में मदद मिली। अखबार (Newspaper) के बारे में उनका कहना है कि इसे केवल जानकारी के लिए पढ़ना चाहिए, इसे रटने की जरूरत नहीं है क्योंकि अंत में आपको खाली शीट पर कॉन्सेप्ट्स ही याद आएंगे। साथ ही, उन्होंने कहा कि यदि आपके पास समय कम है तो कक्षा 6 से 10 तक की एनसीईआरटी (NCERT) पढ़ना अनिवार्य नहीं है, बशर्ते आप स्टैंडर्ड बुक्स अच्छे से पढ़ें।
UPSC 2025 उम्मीदवारों के लिए संदेश
अक्षित की यात्रा सिखाती है कि यह परीक्षा केवल किस्मत नहीं, बल्कि दृढ़ संकल्प और सही रणनीति का मेल है। वह कहते हैं कि हर पेपर में ऐसे सवाल होंगे जो आपको नहीं आते होंगे, लेकिन महत्वपूर्ण यह है कि आप जो जानते हैं उसे कितने अच्छे तरीके से प्रस्तुत करते हैं।
निष्कर्ष: IIT दिल्ली से निकलकर 23 साल की उम्र में AIR 12 हासिल करना अक्षित के कड़े परिश्रम का परिणाम है। उनकी यह कहानी हमें सिखाती है कि एक बार प्रीलिम्स फेल होने का मतलब यह नहीं कि आपका सपना खत्म हो गया, बल्कि यह आपकी जीत की नई शुरुआत हो सकती है।



