संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा को दुनिया की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक माना जाता है। हर साल लगभग 11 लाख छात्र इस परीक्षा के लिए अप्लाई करते हैं, लेकिन उनमें से केवल कुछ सौ ही अंतिम सूची में जगह बना पाते हैं। हम अक्सर उन्हीं की संघर्ष गाथा सुनते हैं जो सफल हो जाते हैं, लेकिन उन लाखों एस्पिरेंट्स की UPSC Story पर बात कम होती है जो आखिरी पड़ाव पर आकर चूक जाते हैं।
एक मानसिक चक्रव्यूह और संघर्ष
UPSC की तैयारी किसी ‘चक्रव्यूह’ से कम नहीं है। इसमें प्रवेश करना आसान है, लेकिन इससे बाहर निकलना—चाहे सफलता के साथ हो या बिना—एक बड़ी चुनौती होती है। कई छात्र इस प्रक्रिया में अपनी जवानी, दोस्त और यहाँ तक कि अपनी मानसिक शांति (mental health) भी खो देते हैं। अमित, जिन्होंने अपने जीवन के 8 साल इस तैयारी में लगाए, बताते हैं कि इस UPSC Story के दौरान उन्होंने अपने सबसे करीबी लोगों को खो दिया और अंत में उनके पास सिर्फ गहरा रिग्रेट (regret) बचा था।
असफलता के बाद सफलता के नए रास्ते
लेकिन हार मान लेना ही एकमात्र रास्ता नहीं है। अगर एक दरवाजा बंद होता है, तो दूसरा जरूर खुलता है। अब सरकार भी उन उम्मीदवारों को मौका दे रही है जो इंटरव्यू तक पहुँचते हैं लेकिन फाइनल सिलेक्शन से रह जाते हैं।
• सरकारी नौकरियां: यूपीएससी के पूर्व चेयरमैन की सिफारिश पर, स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (SAI) जैसे संस्थानों में इंटरव्यू दे चुके एस्पिरेंट्स के लिए पद निकाले गए हैं। नितेश गर्ग, जो आज SAI में असिस्टेंट डायरेक्टर हैं, इसी प्रक्रिया के तहत चुने गए हैं।
• ग्लोबल इम्पैक्ट: यमदा जैसी एस्पिरेंट्स, जिन्होंने 5 बार कोशिश की और डिप्रेशन का सामना किया, आज लंदन से पढ़ाई कर WWF जैसी संस्थाओं के लिए काम कर रही हैं। उनकी UPSC Story हमें सिखाती है कि एग्जाम क्रैक न होने का मतलब जीवन खत्म होना नहीं है।
पर्सनैलिटी डेवलपमेंट और नया नजरिया
यूपीएससी की तैयारी आपको केवल किताबी ज्ञान ही नहीं देती, बल्कि यह आपको एक बेहतर इंसान बनाती है। कई असफल एस्पिरेंट्स का मानना है कि इस प्रोसेस में आपकी जो ‘Personality Development’ होती है, उसे आप लाइफ के किसी भी मोड़ पर इस्तेमाल कर सकते हैं।
सत्य नडेला और कैप्टन गोपीनाथ जैसे उदाहरण हमें याद दिलाते हैं कि ये दिग्गज भी कभी UPSC के एस्पिरेंट्स थे, लेकिन वहां सफल न होने के बावजूद आज पूरी दुनिया उन्हें जानती है। उनकी UPSC Story यह साबित करती है कि अगर आप मेहनत करना जानते हैं, तो आप कहीं भी सफल हो सकते हैं।
निष्कर्ष: हिम्मत न हारने की प्रेरणा
कुंवर नारायण की एक कविता हर उस छात्र को प्रेरित करती है जिसने शिद्दत से कुछ चाहा: “सब कुछ जीत लेने में और अंत तक हिम्मत न हारने में कोई फर्क नहीं है”।
हर एस्पिरेंट की अपनी एक अनोखी UPSC Story होती है। भले ही आप एग्जाम में सफल न हुए हों, लेकिन इस यात्रा ने आपको जो अनुभव और परिपक्वता (maturity) दी है, वह जीवन की हर मुश्किल से लड़ने में आपकी मदद करेगी। याद रखिए, आप सिर्फ यूपीएससी क्रैक करने के लिए ही इस धरती पर नहीं आए हैं; लाइफ में और भी बहुत सारी ओपरचुनिटिस (opportunities) आपका इंतजार कर रही हैं।
अपनी इस UPSC Story को एक अंत नहीं, बल्कि एक नई शुरुआत के रूप में देखें।



