
UPSC Civil Services Exam पास करना सिर्फ किताबों को रटना नहीं है, बल्कि यह अपने टूटते हुए हौसलों को बार-बार समेटने की कहानी है। आज हम आपको एक ऐसी बेटी की कहानी बताने जा रहे हैं, जिसके पिता दिल्ली पुलिस में ASI (Assistant Sub-Inspector) हैं और बेटी ने अब IAS बनकर पिता का सीना गर्व से चौड़ा कर दिया है।
यह कहानी है UPSC 2023 में ऑल इंडिया रैंक 26 हासिल करने वाली रूपल राणा (Rupal Rana) की। एक ऐसी यात्रा जिसमें मां को खोने का गहरा दर्द था, लगातार तीन बार प्रीलिम्स (Prelims) में फेल होने की निराशा थी, लेकिन अंत में एक शानदार जीत थी।
“मां चली गईं, लेकिन उनका सपना जिंदा रहा”
सफलता की चमक के पीछे अक्सर गहरा अंधेरा छिपा होता है। रूपल राणा की यूपीएससी यात्रा की शुरुआत एक बहुत बड़े सदमे के साथ हुई। अपने एक इंटरव्यू में रूपल ने बताया कि उनके पहले प्रयास (First Attempt) के दौरान, परीक्षा/इंटरव्यू प्रक्रिया से ठीक पहले उनकी मां का अचानक निधन हो गया।
रूपल बताती हैं, “मां के जाने के बाद मैं लगभग डेढ़ महीने तक होश में नहीं थी। मैं पूरी तरह टूट चुकी थीं।” यह वह समय था जब किसी भी बच्चे को अपनी मां की सबसे ज्यादा जरूरत होती है। लेकिन रूपल ने अपने आंसुओं को अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया। उन्होंने अपनी मां की यादों को ही अपनी ताकत बनाया। उनका एक पसंदीदा कोट (Quote) है जिसने उन्हें इस मुश्किल वक्त में संभाला:
“If you want to win in life, your mind should be stronger than your emotions.” (अगर आप जीवन में जीतना चाहते हैं, तो आपका दिमाग आपकी भावनाओं से ज्यादा मजबूत होना चाहिए।)
3 बार Prelims में फेल: असफलता से सफलता का मंत्र
रूपल राणा हमेशा से पढ़ाई में होशियार थीं। उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी के देशबंधु कॉलेज से मैथ्स ऑनर्स (Maths Honors) किया और 9.2 CGPA के साथ कॉलेज की गोल्ड मेडलिस्ट रहीं। लेकिन यूपीएससी ने उनकी कड़ी परीक्षा ली।
1. पहला प्रयास: मां के निधन के सदमे के कारण तैयारी नहीं हो सकी।
2. दूसरा प्रयास: रूपल ने ‘Accuracy’ (सटीकता) पर ज्यादा ध्यान दिया और केवल 71 प्रश्न हल किए। वह सिर्फ 5 नंबर से प्रीलिम्स चूक गईं।
3. तीसरा प्रयास: उन्होंने 78 प्रश्न हल किए, लेकिन फिर असफल रहीं।
लगातार तीन बार प्रीलिम्स में फेल होने के बाद कोई भी इंसान हिम्मत हार सकता है। यह एक अकेली और लंबी लड़ाई थी। रूपल कहती हैं कि यह सफर बहुत ‘Lonely’ (अकेला) होता है। लेकिन चौथे प्रयास में उन्होंने अपनी रणनीति बदली।
इस बार उन्होंने “Peripheral Knowledge” (परिधीय ज्ञान) का इस्तेमाल किया, रिस्क लिया और 94 प्रश्न हल किए। नतीजा यह हुआ कि उन्होंने न सिर्फ प्रीलिम्स निकाला, बल्कि मेन्स और इंटरव्यू भी पास कर सीधे AIR 26 हासिल की।
पिता दिल्ली पुलिस में ASI, बेटी अब बनी ‘साहब’
रूपल मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बागपत की रहने वाली हैं। उनके पिता जसवीर राणा दिल्ली पुलिस में असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (ASI) के पद पर तैनात हैं। एक पिता के लिए इससे बड़ा गर्व का क्षण क्या होगा कि जिस पुलिस महकमे में उन्होंने पूरी जिंदगी सेवा दी, आज उनकी बेटी उसी सिस्टम में एक उच्च अधिकारी (IAS Officer) बनकर देश की सेवा करेगी।
उनकी स्कूली पढ़ाई बड़ौत के जेपी पब्लिक स्कूल और पिलानी के बिरला इंस्टीट्यूट से हुई है।
IAS Rupal Rana के 3 Success Tips (UPSC Strategy)
अपने इंटरव्यू (ForumIAS Tete A Tete) में रूपल ने अपनी सफलता के कुछ राज साझा किए जो हर यूपीएससी एस्पिरेंट (UPSC Aspirant) के काम आ सकते हैं:
• Newspaper is Must: रूपल ने ‘The Hindu’ अखबार को धार्मिक रूप से फॉलो किया। वह रोज 1.5 घंटे अखबार पढ़ती थीं, जिससे इंटरव्यू में उन्हें अपने विचार रखने में बहुत मदद मिली।
• Notes Making: उन्होंने अपने नोट्स Google Docs पर डिजिटल रूप में बनाए। जैसे मॉडर्न हिस्ट्री के पूरे सिलेबस को सिर्फ 25 पेजों में समेट दिया ताकि रिवीजन आसान हो सके।
• Consistency (निरंतरता): रूपल सुबह उठने के आधे घंटे के भीतर (8:30 AM तक) अपनी स्टडी टेबल पर होती थीं। वह दिन में 12-13 घंटे पढ़ाई करती थीं और लंच के बाद 30-40 मिनट की झपकी (Nap) जरूर लेती थीं।
निष्कर्ष: हौसलों की उड़ान

रूपल राणा की कहानी (Rupal Rana Motivational Story) हमें सिखाती है कि परिस्थितियां चाहे कितनी भी विपरीत क्यों न हों, अगर आपका ‘Purpose’ (उद्देश्य) साफ़ है, तो आप इतिहास रच सकते हैं। मां को खोने के बाद भी उन्होंने अपने सपनों को मरने नहीं दिया।
आज रूपल राणा लाखों लड़कियों के लिए मिसाल हैं। उनकी यह कामयाबी उन सभी के लिए एक जवाब है जो मुश्किलों के आगे घुटने टेक देते हैं।
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