संविधान सभा का गठन कैसे हुआ ? (Formation of the Constituent Assembly of India)

Formation of the Constituent Assembly of India : संविधान सभा के गठन की पृष्ठभूमि India भारत में संविधान सभा के गठन का विचार स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान विकसित हुआ था।India भारतीय नेताओं की मांग थी कि Constituent Assembly भारत का संविधान भारतीय जनता के प्रतिनिधियों द्वारा बनाया जाना चाहिए, न कि ब्रिटिश सरकार द्वारा।
1934: एम.एन. रॉय (M.N. Roy) ने भारत के लिए संविधान सभा के विचार को स्पष्ट रूप से सामने रखा।
1935: भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने संविधान सभा के गठन की मांग की।
1940: अगस्त प्रस्ताव (August Offer) में ब्रिटिश सरकार ने भारतीयों को अपना संविधान बनाने का सिद्धांत स्वीकार किया।
1942: क्रिप्स मिशन (Cripps Mission) ने युद्ध के बाद संविधान निर्माण के लिए एक Constituent Assembly निकाय बनाने का प्रस्ताव दिया।
1946: कैबिनेट मिशन योजना के आधार पर संविधान सभा के गठन का रास्ता साफ हुआ।
2. कैबिनेट मिशन योजना, 1946 (Cabinet Mission Plan)
भारत में संविधान सभा का गठन Constituent Assembly कैबिनेट मिशन योजना के Constituent Assembly आधार पर किया गया था।
ब्रिटिश सरकार ने मार्च 1946 में तीन सदस्यों वाला कैबिनेट मिशन भारत भेजा।
इसके प्रमुख सदस्य थे
लॉर्ड पैथिक लॉरेंस (Lord Pethick-Lawrence)
सर स्टैफर्ड क्रिप्स (Sir Stafford Cripps)
ए.वी. अलेक्जेंडर (A.V. Alexander)
कैबिनेट मिशन ने 16 मई 1946 को अपनी योजना प्रस्तुत की। Constituent Assembly इसमें भारत के संविधान निर्माण के लिए Constituent Assembly संविधान सभा के गठन का प्रस्ताव दिया गया।
महत्वपूर्ण तथ्य: संविधान सभा का Constituent Assembly गठन सीधे जनता के मतदान से नहीं हुआ था,India बल्कि प्रांतीय विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्यों द्वारा अप्रत्यक्ष चुनाव (Indirect Election) के माध्यम से हुआ था।
3. संविधान सभा की कुल सदस्य संख्या (Total Membership)
कैबिनेट मिशन योजना के अनुसार संविधान सभा की प्रारंभिक कुल सदस्य संख्या 389 निर्धारित की गई थी।
इसका विभाजन निम्नलिखित था
| प्रतिनिधित्व का आधार | सदस्यों की संख्या |
|---|---|
| ब्रिटिश भारतीय प्रांत (British Indian Provinces) | 292 |
| देशी रियासतें (Princely States) | 93 |
| मुख्य आयुक्त प्रांत (Chief Commissioners’ Provinces) | 4 |
| कुल सदस्य | 389 |
इस प्रकार संविधान सभा में ब्रिटिश भारतीय प्रांतों, देशी रियासतों और मुख्य आयुक्त प्रांतों को प्रतिनिधित्व दिया गया था।
4. संविधान सभा के सदस्यों का चुनाव कैसे हुआ? (Election Process)
संविधान सभा के सदस्यों का चुनाव अप्रत्यक्ष रूप से किया गया था।
चुनाव प्रक्रिया की प्रमुख विशेषताएँ:
- ब्रिटिश भारतीय प्रांतों के प्रतिनिधियों का चुनाव प्रांतीय विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्यों ने किया।
- चुनाव आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली (Proportional Representation) के अंतर्गत एकल संक्रमणीय मत (Single Transferable Vote) से हुआ।
- प्रांतीय विधानसभाओं में सामान्य, मुस्लिम और सिख वर्गों के लिए निर्धारित प्रतिनिधित्व के अनुसार चुनाव हुआ।
- देशी रियासतों के प्रतिनिधियों का चयन संबंधित रियासतों द्वारा तय प्रक्रिया से किया जाना था।
महत्वपूर्ण: संविधान सभा Constituent Assembly का चुनाव प्रत्यक्ष सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार (Universal Adult Franchise) के आधार पर नहीं हुआ था।
5. संविधान सभा की पहली बैठक कब हुई? (First Meeting)
भारतीय संविधान सभा की पहली बैठक 9 दिसंबर 1946 को नई दिल्ली स्थित संविधान भवन में हुई थी। Constituent Assembly यह भवन वर्तमान में संसद भवन का केंद्रीय कक्ष (Central Hall) कहलाता है।
पहली बैठक से संबंधित महत्वपूर्ण तथ्य:
- पहली बैठक की अध्यक्षता अस्थायी अध्यक्ष डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा ने की।
- मुस्लिम लीग ने पहली बैठक का बहिष्कार किया था।
- पहली बैठक में 207 सदस्य उपस्थित थे।
- इनमें 9 महिला सदस्य भी शामिल थीं।
याद रखें: 9 दिसंबर 1946 को संविधान सभा की पहली बैठक हुई थी।
6. संविधान सभा के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष (President and Vice-President)
संविधान सभा के पहले अस्थायी अध्यक्ष और स्थायी अध्यक्ष अलग-अलग थे।
| पद | व्यक्ति | महत्वपूर्ण तारीख |
|---|---|---|
| अस्थायी अध्यक्ष | डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा | 9 दिसंबर 1946 |
| स्थायी अध्यक्ष | डॉ. राजेंद्र प्रसाद | 11 दिसंबर 1946 |
| उपाध्यक्ष | एच.सी. मुखर्जी | 11 दिसंबर 1946 |
डॉ. राजेंद्र प्रसाद संविधान सभा के स्थायी अध्यक्ष चुने गए थे। Constituent Assembly बाद में वे स्वतंत्र भारत के प्रथम राष्ट्रपति बने।
7. उद्देश्य प्रस्ताव (Objective Resolution)
13 दिसंबर 1946 को पंडित जवाहरलाल नेहरू ने Constituent Assembly संविधान सभा में उद्देश्य प्रस्ताव (Objective Resolution) प्रस्तुत किया था।
इसे 22 जनवरी 1947 को संविधान सभा ने स्वीकार किया।
उद्देश्य प्रस्ताव के प्रमुख विचार:
- भारत को स्वतंत्र और संप्रभु गणराज्य बनाना।
- सभी नागरिकों को न्याय प्रदान करना।
- समानता और स्वतंत्रता सुनिश्चित करना।
- अल्पसंख्यकों और पिछड़े वर्गों के हितों की रक्षा करना।
- भारत की एकता और अखंडता बनाए रखना।
महत्वपूर्ण: उद्देश्य प्रस्ताव को भारतीय संविधान की प्रस्तावना (Preamble) का आधार माना जाता है।
8. प्रारूप समिति का गठन (Drafting Committee)
संविधान निर्माण Constituent Assembly की प्रक्रिया में सबसे महत्वपूर्ण समितियों में से एक प्रारूप समिति (Drafting Committee) थी।
इसका गठन 29 अगस्त 1947 को किया गया था।
इसके अध्यक्ष डॉ. भीमराव अंबेडकर (Dr. B.R. Ambedkar) थे।
प्रारूप समिति के सात मूल सदस्य थे…
| क्रम | सदस्य का नाम |
|---|---|
| 1 | डॉ. बी.आर. अंबेडकर |
| 2 | एन. गोपालस्वामी आयंगर |
| 3 | अल्लादी कृष्णास्वामी अय्यर |
| 4 | के.एम. मुंशी |
| 5 | सैयद मोहम्मद सादुल्ला |
| 6 | बी.एल. मित्तर |
| 7 | डी.पी. खेतान |
बाद में बी.एल. मित्तर के स्थान पर एन. माधव राव और डी.पी. खेतान के निधन के बाद टी.टी. कृष्णमाचारी को समिति में शामिल किया गया।
डॉ. अंबेडकर को भारतीय संविधान के प्रमुख शिल्पकारों में माना जाता है।
9. विभाजन के बाद संविधान सभा की सदस्य संख्या (After Partition)
3 जून 1947 की माउंटबेटन योजना के अंतर्गत भारत का विभाजन स्वीकार किया गया।
विभाजन के बाद पाकिस्तान के लिए अलग संविधान सभा बनाई गई। इसके परिणामस्वरूप भारतीय संविधान सभा की सदस्य संख्या घट गई।
| स्थिति | सदस्य संख्या |
|---|---|
| विभाजन से पहले | 389 |
| विभाजन के बाद | 299 |
इस प्रकार स्वतंत्र भारत की संविधान सभा में कुल 299 सदस्य रह गए।
10. संविधान सभा ने संविधान बनाने में कितना समय लिया?
भारतीय संविधान को तैयार करने में संविधान सभा को कुल 2 वर्ष, 11 महीने और 17 दिन लगे।
इस दौरान:
- संविधान सभा के कुल 11 अधिवेशन हुए।
- कुल 165 दिनों तक बैठकें चलीं।
- 114 दिन प्रारूप संविधान पर विचार-विमर्श में लगे।
- कुल 7,635 संशोधन प्रस्तावित किए गए।
- इनमें से 2,473 संशोधनों पर विचार कर उन्हें स्वीकार, अस्वीकार या अन्य रूप में निपटाया गया।
11. संविधान निर्माण की महत्वपूर्ण तिथियाँ (Important Dates)
| घटना | तारीख |
|---|---|
| कैबिनेट मिशन भारत आया | मार्च 1946 |
| कैबिनेट मिशन योजना प्रस्तुत | 16 मई 1946 |
| संविधान सभा के चुनाव | जुलाई–अगस्त 1946 |
| संविधान सभा की पहली बैठक | 9 दिसंबर 1946 |
| अस्थायी अध्यक्ष बने | 9 दिसंबर 1946 |
| डॉ. राजेंद्र प्रसाद स्थायी अध्यक्ष चुने गए | 11 दिसंबर 1946 |
| उद्देश्य प्रस्ताव प्रस्तुत | 13 दिसंबर 1946 |
| उद्देश्य प्रस्ताव स्वीकार | 22 जनवरी 1947 |
| प्रारूप समिति का गठन | 29 अगस्त 1947 |
| संविधान अंगीकृत हुआ | 26 नवंबर 1949 |
| संविधान पर सदस्यों ने हस्ताक्षर किए | 24 जनवरी 1950 |
| संविधान लागू हुआ | 26 जनवरी 1950 |
12. संविधान सभा की प्रमुख समितियाँ (Important Committees)
संविधान निर्माण के लिए संविधान सभा ने कई समितियों का गठन किया था।
| समिति | अध्यक्ष |
|---|---|
| प्रारूप समिति (Drafting Committee) | डॉ. बी.आर. अंबेडकर |
| संघ शक्ति समिति (Union Powers Committee) | जवाहरलाल नेहरू |
| संघ संविधान समिति (Union Constitution Committee) | जवाहरलाल नेहरू |
| प्रांतीय संविधान समिति (Provincial Constitution Committee) | सरदार वल्लभभाई पटेल |
| मौलिक अधिकार, अल्पसंख्यक एवं जनजातीय क्षेत्रों पर सलाहकार समिति | सरदार वल्लभभाई पटेल |
| प्रक्रिया नियम समिति (Rules of Procedure Committee) | डॉ. राजेंद्र प्रसाद |
| संचालन समिति (Steering Committee) | डॉ. राजेंद्र प्रसाद |
13. संविधान सभा का महत्व (Importance of Constituent Assembly)
भारतीय संविधान Constituent Assembly सभा ने स्वतंत्र भारत की शासन व्यवस्था और लोकतांत्रिक संस्थाओं की नींव रखी।
इसके प्रमुख योगदान:
- भारत को लिखित संविधान प्रदान किया।
- संसदीय लोकतंत्र की स्थापना का आधार तैयार किया।
- नागरिकों के मौलिक अधिकारों को संवैधानिक संरक्षण दिया।
- केंद्र और राज्यों के बीच शक्तियों का विभाजन निर्धारित किया।
- स्वतंत्र न्यायपालिका की व्यवस्था की।
- सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय के आदर्श स्थापित किए।
- भारत की विविधता और राष्ट्रीय एकता को ध्यान में रखते हुए संवैधानिक ढाँचा तैयार किया।
14. UPSC Prelims के लिए महत्वपूर्ण तथ्य (Important Facts)
| प्रश्न | उत्तर |
|---|---|
| संविधान सभा का गठन किस योजना के तहत हुआ? | कैबिनेट मिशन योजना, 1946 |
| कैबिनेट मिशन में कितने सदस्य थे? | तीन |
| संविधान सभा की प्रारंभिक सदस्य संख्या कितनी थी? | 389 |
| ब्रिटिश भारतीय प्रांतों के कितने प्रतिनिधि थे? | 292 |
| देशी रियासतों के कितने प्रतिनिधि थे? | 93 |
| मुख्य आयुक्त प्रांतों के कितने प्रतिनिधि थे? | 4 |
| संविधान सभा की पहली बैठक कब हुई? | 9 दिसंबर 1946 |
| अस्थायी अध्यक्ष कौन थे? | डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा |
| स्थायी अध्यक्ष कौन थे? | डॉ. राजेंद्र प्रसाद |
| संविधान सभा के उपाध्यक्ष कौन थे? | एच.सी. मुखर्जी |
| उद्देश्य प्रस्ताव किसने प्रस्तुत किया? | जवाहरलाल नेहरू |
| उद्देश्य प्रस्ताव कब प्रस्तुत हुआ? | 13 दिसंबर 1946 |
| प्रारूप समिति का गठन कब हुआ? | 29 अगस्त 1947 |
| प्रारूप समिति के अध्यक्ष कौन थे? | डॉ. बी.आर. अंबेडकर |
| विभाजन के बाद सदस्य संख्या कितनी रह गई? | 299 |
| संविधान बनाने में कितना समय लगा? | 2 वर्ष, 11 महीने और 17 दिन |
| संविधान कब अंगीकृत हुआ? | 26 नवंबर 1949 |
| संविधान कब लागू हुआ? | 26 जनवरी 1950 |
15. UPSC Mains के लिए संभावित प्रश्न
प्रश्न: भारतीय संविधान सभा के गठन की प्रक्रिया का वर्णन कीजिए। Constituent Assembly भारतीय संविधान के निर्माण में इसकी भूमिका का विश्लेषण कीजिए।
उत्तर लिखने के लिए महत्वपूर्ण बिंदु:
- संविधान सभा की मांग और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि।
- कैबिनेट मिशन योजना, 1946।
- अप्रत्यक्ष निर्वाचन की प्रक्रिया।
- संविधान सभा की सदस्य संख्या और प्रतिनिधित्व।
- पहली बैठक और अध्यक्ष का निर्वाचन।
- उद्देश्य प्रस्ताव और प्रारूप समिति।
- विभाजन के बाद सदस्य संख्या में परिवर्तन।
- संविधान निर्माण में संविधान सभा का योगदान।
16. Quick Revision: एक नजर में संविधान सभा
- गठन का आधार – Cabinet Mission Plan, 1946
- प्रारंभिक सदस्य संख्या – 389
- पहली बैठक – 9 दिसंबर 1946
- अस्थायी अध्यक्ष – डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा
- स्थायी अध्यक्ष – डॉ. राजेंद्र प्रसाद
- उद्देश्य प्रस्ताव – जवाहरलाल नेहरू
- प्रारूप समिति – 29 अगस्त 1947
- प्रारूप समिति के अध्यक्ष – डॉ. बी.आर. अंबेडकर
- विभाजन के बाद सदस्य – 299
- संविधान अंगीकृत – 26 नवंबर 1949
- संविधान लागू – 26 जनवरी 1950
Conclusion: निष्कर्ष
भारतीय संविधान सभा का गठन कैबिनेट मिशन योजना, 1946 के आधार पर किया गया था। Constituent Assembly इस सभा ने लगभग तीन वर्षों तक विचार-विमर्श करके भारत के लिए एक विस्तृत और लोकतांत्रिक संविधान तैयार किया।
संविधान सभा Constituent Assembly के सदस्यों ने भारत की सामाजिक, आर्थिक, धार्मिक और Constituent Assembly सांस्कृतिक विविधता को ध्यान में रखते हुए एक ऐसी संवैधानिक व्यवस्था बनाई, जो आज भी देश के लोकतंत्र, अधिकारों और शासन प्रणाली का आधार है।
UPSC, SSC, State PCS और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के लिए Constituent Assembly संविधान सभा का गठन और उसकी कार्यप्रणाली अत्यंत महत्वपूर्ण विषय है।